Report in ‘Dainik Jagran’ 4.3.2009

With the announcement of elections, the issue of the hike in pay for teachers of central universities has fallen into difficulty. The Ministry of Human Resources Development (MHRD) has sought a middle path for this. The Ministry has directed the University Grants Commission (UGC) to release 40% of arrears along with the salary payable for March. Due to differences in interpretation of the recommendations by the Pay Review Committee and the UGC, teachers of Central Universities are yet to get pay acording to the 6th Pay Review. According to the Pay Commission recommendations, the Pay Review Committee wants to keep a certain grade within a range while increasing salaries. But according the UGC this would result in teachers of a seniority range of five years remaining in the same grade, which is not desireable for maintaining seniority for university teachers. The UGC has said that teachers can be kept in the same grade for a maximum period of two years.

केंद्रीय विवि शिक्षकों के वेतन में वृद्धि होगी

नीलू रंजन, नई दिल्ली : चुनाव की घोषणा के साथ ही केंद्रीय विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप वेतनवृद्धि का मामला फिलहाल खटाई में पड़ गया है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इसके लिए बीच का रास्ता निकाल लिया है। मंत्रालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से कहा है कि फिलहाल इन शिक्षकों को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार होने वाले संभावित वेतनवृद्धि का 40 प्रतिशत मार्च के वेतन के साथ देने की व्यवस्था करे। यूजीसी और वेतन समीक्षा समिति द्वारा छठे वेतन आयोग की सिफारिशों की अपने-अपने हिसाब से व्याख्या करने के कारण केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षकों को अभी तक छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप वेतन नहीं मिल पाया है। वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार वेतन समीक्षा समिति एक खास रेंज के वेतनमान को एक ग्रेड में रख कर वेतनवृद्धि करना चाहता है। यूजीसी का कहना है कि इससे पांच साल तक के वरिष्ठ और कनिष्ठ शिक्षकों का वेतन और ग्रेड समान हो जाएगा, जो विश्वविद्यालय शिक्षकों के वरीयता क्रम के लिहाज से सही नहीं है। यूजीसी का कहना है कि अधिकतम दो साल के सेवाकाल के अंतर वाले शिक्षकों को एक ग्रेड में रखा जा सकता है।

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